गुरुकुल बकानी झालावार जिले राजस्थान में हे , इसकी स्थापना स्वमिरामेश्वरामजी महाराज ने की थी ,आप सहज मार्ग के प्रवक्ता थे,१९७३ में आपने गुरुकुल राज्य सरकार को सौंप कर शेष जीवन समाज सेवा में लगा दिया,आप निरंतर वर्तमान में रहते थे , मिट भाषी ,मौन को आप सर्वाधिक महत्त्व देते थे.अन्त्रयात्रा ]जीवन भाष्य आपसे ली गई वार्ताओं का संग्रह हे ]अनंतयात्रा आपका आध्यात्मिक उपन्यास हे .अभी भी गुरुकुक आध्यात्मिक साधनको का तीर्थ बना हुआ हे
आपकी पुस्तकों को आनंद प्रकाशन दादाबरी कोटा ने प्रकाशित किया हे जो हिटेशी स्ताशनेर्स हें लाडपुरा कोटा से मिल सकती हें.
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Sunday, January 25, 2009
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