आज सभी चेन्नल ज्योतिष को लेकर बेचैन हें
सुबह उठाते ही हहे सामना आता हे
रोजाना किसी न किसी ग्रह को या राशिः को बेचते रहते हें
लोग डरते हें
शनिवार को तनtएल शनि को चाध्जता हे
जो जितना पढ़ा लिखा हे वोह उतना ही दर्पोअक होगया हे
आप इश्वर को मानते हें फिर सब कुछ उसपर
अगर nanhi तो तुम पर भोजा he
तुम उसका सामना करो
तुम जो पूजा के नाम पर समय और धन बर्बाद कर रहे हो उसका कोई लाभ नन्ही he
Wednesday, January 28, 2009
Sunday, January 25, 2009
गुरुकुल bakani
गुरुकुल बकानी झालावार जिले राजस्थान में हे , इसकी स्थापना स्वमिरामेश्वरामजी महाराज ने की थी ,आप सहज मार्ग के प्रवक्ता थे,१९७३ में आपने गुरुकुल राज्य सरकार को सौंप कर शेष जीवन समाज सेवा में लगा दिया,आप निरंतर वर्तमान में रहते थे , मिट भाषी ,मौन को आप सर्वाधिक महत्त्व देते थे.अन्त्रयात्रा ]जीवन भाष्य आपसे ली गई वार्ताओं का संग्रह हे ]अनंतयात्रा आपका आध्यात्मिक उपन्यास हे .अभी भी गुरुकुक आध्यात्मिक साधनको का तीर्थ बना हुआ हे
आपकी पुस्तकों को आनंद प्रकाशन दादाबरी कोटा ने प्रकाशित किया हे जो हिटेशी स्ताशनेर्स हें लाडपुरा कोटा से मिल सकती हें.
आपकी पुस्तकों को आनंद प्रकाशन दादाबरी कोटा ने प्रकाशित किया हे जो हिटेशी स्ताशनेर्स हें लाडपुरा कोटा से मिल सकती हें.
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